धर्मी को गिराने के लिए शैतान हजारों दुष्टआत्माओं का प्रयोग करता है किंतु धर्मी को उठाने के लिए परमेश्वर एक ही आत्मा को प्रयोग करता है। जिसका नाम है पवित्रआत्मा ।

चाहे वह गिरे तो भी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
भजन संहिता 37:24

यहोवा सब गिरते हुओं को सम्भालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है।
भजन संहिता 145:14 

क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तो भी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।
नीतिवचन 24:16 

जब मैंने कहा, “मेरा पाँव फिसलने लगा है,” तब हे यहोवा, तेरी करुणा ने मुझे थाम लिया।
भजन संहिता 94:18 

धर्मी पर बहुत सी विपत्तियाँ पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सबसे मुक्त करता है। (नीति. 24:16, 2 तीमु. 3:11)
भजन संहिता 34:19 


वह तुझे छः विपत्तियों से छुड़ाएगा; वरन् सात से भी तेरी कुछ हानि न होने पाएगी।
अय्यूब 5:19 

क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहाँ कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें। वे तुझको हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पाँवों में पत्थर से ठेस लगे। (मत्ती 4:6, लूका 4:10,11, इब्रा. 1:14)
भजन संहिता 91:11‭-‬12 

सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 कुरिन्थियों 4:9 

हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूँगा।
भजन संहिता 43:5 


धर्मी को गिराने के लिए शैतान हजारों दुष्टआत्माओं का प्रयोग करता है किंतु धर्मी को उठाने के लिए परमेश्वर एक ही आत्मा को प्रयोग करता है।  जिसका नाम है पवित्रआत्मा ।



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