परमेश्वर के स्वर्गदूतों की सेवा और उनके साथ काम करने का रहस्य: बहन बेनिटा फ्रांसिस


परमेश्वर के स्वर्गदूतों की सेवा और उनके साथ काम करने का रहस्य: बहन बेनिटा फ्रांसिस 



अंत के समय की कटनी और स्वर्गदूतों के साथ सह-कार्य

पवित्र आत्मा ने वक्ता को यह प्रकट किया है कि अंतिम समय की महान आत्मिक कटनी शुरू हो चुकी है और पृथ्वी का कोई भी देश अब सुसमाचार को अंदर आने से नहीं रोक पाएगा। उदाहरण के रूप में उन्होंने अल्बानिया देश का जिक्र किया, जो एक समय सुसमाचार के लिए पूरी तरह बंद था, लेकिन जब वह अचानक खुला, तो कलीसियाओं ने प्रार्थना करने और मिशनरियों को भेजने में बहुत समय लगा दिया, जबकि दूसरी ताकतों ने वहां तेजी से पैसा और अस्पताल भेजकर लोगों का धर्मांतरण कर लिया।

बाइबल के अनुसार, इस अंतिम समय की कटनी को समेटने वाले असल में परमेश्वर के स्वर्गदूत हैं। प्रभु का संदेश है कि हमें स्वर्गदूतों के साथ मिलकर काम करना सीखना होगा। आज दुनिया में 10% से भी कम विश्वासी स्वर्गदूतों की उपस्थिति के प्रति जागरूक हैं। परमेश्वर का वचन कहता है कि ज्ञान की कमी के कारण मेरी प्रजा नष्ट होती है, इसलिए यदि हम स्वर्गदूतों के साथ सहयोग करना नहीं सीखेंगे, तो हमारा जीवन कई बार खतरे में पड़ सकता है।

स्वर्गदूतों का "बेरोजगारी संकट" और हमारे शब्दों की शक्ति (Unemployment Crisis of Angels)

प्रभु ने वक्ता को एक पुस्तक लिखने की रणनीति दी जिसका शीर्षक है—"स्वर्गदूतों के बेरोजगारी संकट को रोकें"। विश्वासी अपने मुंह से परमेश्वर के वचन को बोलने के बजाय व्यर्थ की बातें, गपशप और संसार की चिंताएं प्रकट करते हैं, जिससे उनके स्वर्गदूत बिना किसी काम के बेकार बैठे रहते हैं।

वक्ता ने एक आत्मिक दर्शन साझा किया जिसमें उन्होंने देखा कि एक मसीही व्यक्ति के पास खड़े दो स्वर्गदूत लगातार उसके मुंह की तरफ देख रहे थे कि वहां से क्या शब्द निकलते हैं। जैसे ही उस मसीही ने अनजाने में भी परमेश्वर का कोई वचन या शास्त्र की आयत बोली, स्वर्गदूतों ने तुरंत उस वचन को लपक लिया और वह वचन उनके हाथ में पवित्र आत्मा की एक जलती हुई आग की तलवार (Ephesians 6:17) बन गया, जिसे लेकर वे शैतान के कार्यों को नष्ट करने के लिए उड़ गए।

भजन संहिता 103:20 के अनुसार, स्वर्गदूत शक्तिशाली हैं और परमेश्वर के वचन की आवाज को सुनकर उसके आदेशों का पालन करते हैं। दानिय्येल 10 में भी स्वर्गदूत ने दानिय्येल से कहा था कि "मैं तुम्हारे शब्दों के कारण आया हूँ।" जब हम प्रार्थना में परमेश्वर का वचन बोलते हैं, तो स्वर्गदूत तुरंत सक्रिय हो जाते हैं, जबकि इसके विपरीत, जब हम क्रोध, कड़वाहट या अविश्वास के शब्द बोलते हैं, तो हम दुष्टात्माओं (Demons) को आमंत्रित करते हैं। शैतान (लूसिफर) एक समय स्वर्ग का मुख्य स्वर्गदूत था, जो घमंड के कारण गिरा दिया गया और अपने साथ एक-तिहाई स्वर्गदूतों को ले गया जो दुष्टात्माएं बन गए, जबकि दो-तिहाई पवित्र स्वर्गदूत आज भी परमेश्वर की सेवा में तैनात हैं।

बाइबल के पात्रों के जीवन में स्वर्गदूतों की भूमिका

इब्रानियों 1:14 के अनुसार, स्वर्गदूत सेवा करने वाली आत्माएं हैं जो उद्धार पाने वालों के लिए भेजी जाती हैं। वे हमारे उद्धार पाने से पहले भी अदृश्य रूप से हमारी रक्षा करते हैं, जैसे कि भयानक दुर्घटनाओं से लोगों को सुरक्षित बचाना। वक्ता ने बाइबल से कई प्रमुख उदाहरण दिए:

  • यूसुफ और मरियम: स्वर्गदूत ने सपने में यूसुफ को मरियम को स्वीकार करने का निर्देश दिया और समाज के तिरस्कार से बचाया। बाद में, हेरोदेस के खतरे से बचने के लिए मिस्र भागने की राजनीतिक चेतावनी भी स्वर्गदूत ने ही दी थी।

  • गिदोन: जब गदोन डर से छुपा हुआ था, तब स्वर्गदूत ने प्रकट होकर उसे "शूरवीर" कहकर पुकारा और उसके खोए हुए आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बहाल किया।

  • बिलाम और गधा (Numbers 22): बिलाम धन के लालच में परमेश्वर के लोगों को शाप देने जा रहा था। उसके गधे ने मार्ग में हाथ में नंगी तलवार लिए खड़े स्वर्गदूत को तीन बार देखा और रास्ता बदला, जिससे बिलाम की जान बची। वक्ता ने हंसते हुए कहा कि आज लोग कारों का इस्तेमाल करते हैं जिनमें आत्मिक दुनिया को देखने की समझ नहीं होती, जबकि गधे में वह समझ थी! परमेश्वर जानवरों (जैसे बिल्ली या कुत्ते) का उपयोग भी इंसानों के गुस्से को शांत करने और अपनी योजना पूरी करने के लिए करते हैं।

  • एलीशा (2 Kings 6:17): जब एलीशा का सेवक शत्रुओं की सेना देखकर डर गया, तो एलीशा की प्रार्थना पर उसकी आंखें खुलीं और उसने पूरे पहाड़ को आग के घोड़ों और रथों रूपी स्वर्गदूतों से घिरा हुआ देखा।

  • जकरयाह: जब जकरयाह ने बुढ़ापे में बेटा होने की बात पर अविश्वास प्रकट किया, तो स्वर्गदूत ने उसका मुंह तब तक के लिए बंद (म्यूट) कर दिया जब तक कि बच्चा पैदा नहीं हो गया, ताकि वह अपने अविश्वास के शब्दों से परमेश्वर की योजना को नष्ट न कर दे।

व्यक्तिगत गवाहियां और अलौकिक सुरक्षा

बेनिटा फ्रांसिस ने अपने जीवन के कई व्यक्तिगत अनुभव साझा किए:

  • वह बचपन में अत्यधिक शर्मीली थीं और लोगों के सामने जाने से डरती थीं, लेकिन परमेश्वर के स्वर्गदूतों ने समय-समय पर उनके सामने बाइबल के सही वचनों को खोलकर उन्हें प्रोत्साहित किया, जिससे आज वे हजारों लोगों और टेलीविजन कैमरों के सामने प्रचार करती हैं।

  • पार्क का अनुभव: जर्मनी में एक कंपनी में नाइट शिफ्ट में काम करते समय, वे आधी रात को एक सुनसान पार्क में बैठकर यीशु से बातें करती थीं। एक मुस्लिम महिला ने उनसे कहा कि वे परमेश्वर की परीक्षा ले रही हैं और यह खतरनाक है। तब वक्ता ने प्रार्थना की और एक दर्शन में देखा कि वे स्वयं बेंच पर बैठी हैं और उनके ठीक पीछे दो विशाल स्वर्गदूत हाथ में आग की धधकती हुई तलवारें लिए खड़े हैं। इस दर्शन के बाद उनका सारा डर हमेशा के लिए समाप्त हो गया।

  • विमान यात्रा की घटना: जर्मनी से फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट जाते समय सड़क पर भयंकर बर्फ जमी थी। वे पूरे रास्ते अन्य भाषा (Tongues) में प्रार्थना करते रहे। जब वे विमान में बैठे, तो पवित्र आत्मा की अगुवाई में उन्होंने मृत्यु और विनाश की शक्तियों को बांधा। अटलांटिक महासागर के ऊपर विमान में तकनीकी खराबी आ गई और एयर होस्टेस डर से कांप रही थीं। लेकिन प्रार्थना और स्वर्गदूतों की सुरक्षा के कारण विमान सुरक्षित रूप से लंदन में आपातकालीन लैंडिंग कर सका और सबकी जान बच गई।

  • पक्षियों की बीमारी का चमत्कार: उनके पास कई लवबर्ड्स (पक्षियों) का झुंड था। बाहर से आए एक बीमार पक्षी के कारण उन सभी में एक घातक वायरस (Beak and Feather Disease) फैल गया। इंटरनेट के अनुसार इस वायरस का कोई इलाज नहीं था और सभी पक्षियों को मारना ही एकमात्र रास्ता था। लेकिन पवित्र आत्मा की आवाज सुनकर उन्होंने पक्षियों के लिए प्रार्थना की, उन्हें पानी में विटामिन दिए और परमेश्वर ने उन सभी पक्षियों को पूरी तरह चंगा कर दिया।

डिप्रेशन से मुक्ति और स्वर्गदूतों का आत्मिक "हेलीपैड"

जब नबी एलिय्याह (1 Kings 19) ईज़ेबेल की धमकी से डरकर डिप्रेशन में चला गया और मौत मांगने लगा, तब परमेश्वर ने किसी डॉक्टर या एंटी-डिप्रेसेंट दवा के बजाय अपने स्वर्गदूत को भेजा। स्वर्गदूत ने उसे छुआ, खाने-पीने की चीजें दीं और सोने दिया। उसी भोजन की सामर्थ्य से एलिय्याह चालीस दिन और चालीस रात चलकर परमेश्वर के पर्वत तक पहुंचा। वक्ता के अनुसार, एंटी-डिप्रेसेंट दवाओं के गंभीर साइड-इफेक्ट्स होते हैं, जबकि डिप्रेशन का असली इलाज फिलिप्पियों 4:4 (हमेशा आनंदित रहो), फिलिप्पियों 4:6 (चिंता न करो) और फिलिप्पियों 4:8 के वचनों को लगातार अपने मुंह से बोलना और स्वर्गदूतों की सेवा को ग्रहण करना है।

यूहन्ना 1:51 में यीशु ने कहा था कि तुम स्वर्ग को खुला और परमेश्वर के स्वर्गदूतों को मनुष्य के पुत्र के ऊपर उतरते और चढ़ते देखोगे। चूंकि आज पवित्र आत्मा हर विश्वासी के अंदर वास करता है, इसलिए हर एक विश्वासी स्वर्गदूतों के आने-जाने के लिए एक आत्मिक "हेलीपैड" (Helipad) बन चुका है। हमारे और स्वर्ग के सिंहासन के बीच स्वर्गदूतों का आना-जाना लगातार जारी है।

अंतिम प्रार्थना (Activation Prayer)

"सारे रोग और बीमारियाँ, इसी वक्त हम उन्हें यीशु के नाम में झिड़कते हैं। हम चंगाई के वचन को भेजते हैं। यीशु के कोड़े खाने से आप चंगे हो चुके हैं... इसे अपने मुँह से बोलिए! स्वर्गदूत इस वचन को पवित्र आत्मा की तलवार की तरह थाम रहे हैं और उस बीमारी, बुखार, दमा (Asthma), साइनस, सर्दी, कैंसर, HIV/AIDS, मानसिक परेशानी और पेट की समस्याओं को नष्ट कर रहे हैं। क्योंकि 2000 साल पहले ही यीशु के कोड़े खाने से आप पूरी तरह चंगे किए जा चुके हैं।"


"अब कोई डर नहीं, कोई चिंता नहीं। यहाँ तक कि आप देश के बड़े नेताओं के सामने भी पूरी निडरता से परमेश्वर के वचन की घोषणा कर सकते हैं। परमेश्वर के स्वर्गदूत आपकी सुरक्षा कर रहे हैं, आपका मार्गदर्शन कर रहे हैं और आपको सही रास्ते पर रख रहे हैं।"



"प्रभु यीशु, हमें क्षमा करें कि हम इतने लंबे समय तक इस बात से अनजान रहे। हम उद्धार के वारिस हैं और स्वर्गदूत हमारे लिए काम करने वाली आत्माएं हैं। अब से हमें किसी एंटीडिप्रेसेंट या दवाइयों की ज़रूरत नहीं है, किसी इंसानी सुरक्षा या गाइडेंस की फिक्र नहीं है। प्रभु, आपने अपनी पराक्रमी स्वर्गीय सेना को हमारे लिए नियुक्त किया है। थैंक यू यीशु, हम इसे ग्रहण करते हैं। हालेलुया!"




YouTube वीडियो लिंक:

https://youtu.be/T5xyTdZuCro?si=jWMLwxdY2O3MKeHJ




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