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मसीह यीशु और शैतान में क्या फ़र्क है ?

मसीह यीशु और शैतान में क्या फ़र्क है ?

शैतान ने पाप के द्वारा मानवजाति को खरीद लिया लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने मानवजाति को अपने लहू के द्वारा उन्हें पापों की गुलामी से खरीद लिया।

पाप का स्वामी शैतान हैं और वो मनुष्यों को नष्ट करने के लिए आया है जो कोई पाप करता है वह शैतान की संतान हैं। यदि मनुष्य पाप न करे तो शैतान मनुष्य के जीवन में काम नही कर सकता ना ही उन्हें तबाह कर सकता है। जो कोई पाप करता है वह ऑटोमैटिकली शैतान की गुलामी में चला जाता है मतलब शैतान पाप के द्वारा मनुष्यों को खरीदता है।
और ये बात पाप करने वाले व्यक्ति को मालूम नहीं होता की अब वह शैतान के नियंत्रण में है।
इसके विपरीत जब एक व्यक्ति अपने पापों को छोड़कर पूरे मन से पश्चाताप करता है और प्रभु यीशु मसीह से अपने पापों की क्षमा माँगता हैं तो प्रभु यीशु जिसे अधिकार है पाप क्षमा करने का वह आपके पापों को बिना देर किये क्षमा करता है। और आपको पाप व शैतान की गुलामी से आजाद करता है। यीशु मसीह ने आपके पापों को अपने ऊपर लेकर क्रूस पर बलिदान हो गया ताकि आपको पापों का दंड नही बल्कि क्षमा मिले। क्योंकि पाप की कीमत मृत्यु हैं और इसलिए यीशु मसीह ने पाप की कीमत को खुद अपनी कुर्बानी से अदा किया।


शैतान मनुष्यों के जीवन में श्राप लेकर आया परन्तु प्रभु यीशु मसीह मनुष्यों के जीवन में अनंतजीवन लेकर आया।
शैतान पाप के द्वारा ही आपके जीवन में श्राप लेकर आया और श्राप मृत्यु व बीमारी, कंगाली और नाना प्रकार का दुःख व पीड़ा लेकर आया।
इसके विपरीत यीशु मसीह ने आपके श्रापों को आपकी बीमारी को आपके दुःखो को अपने ऊपर लेकर बलिदान के द्वारा आपको छुटकारा दिया और आपको अनन्तजीवन का वरदान भी दिया।




शैतान अंधकार का राजा है लेकिन प्रभु यीशु मसीह ज्योति का राजा हैं।
जितने भी अंधकार के काम लोग करते हैं उनका राजा शैतान हैं। तन्त्र मंत्र करने वाले जादू टोना करने वाले कुकर्म करने वाले हत्या करने वाले व्यभिचार करने वाले मूर्ति पूजा करने वाले बलि चढ़ाने वाले ये सब काम करने वालों का स्वामी शैतान हैं और वे अंधकार की संतान हैं।
इसके विपरीत यीशु मसीह ने कहा मैं ज्योति हूं और जो कोई मुझ पर विश्वास करेगा वह ज्योति में चलेगा और ठोकर नहीं खायेगा। यीशु मसीह ने कहा तुम जगत की ज्योति हो।




शैतान इस पृथ्वी में लोगो को मारने आया है लेकिन प्रभु यीशु मसीह लोगों को बचाने आया है।
शैतान लोगों का विनाशकर्ता है शैतान का मकसद है लोगों को नष्ट करना किसी भी तरह से किसी भी माध्यम से शैतान ने अधिकतर इस संसार की अनैतिक कार्यों को इस्तेमाल किया ताकि लोग उन कामों की वजह से बर्बाद हो जाये इसके विपरीत प्रभु यीशु मसीह लोगों का उद्धारकर्ता है और वह पापियों को बचाने आये न कि उनका सर्वनाश करने।
यीशु मसीह पापियो से प्रेम करता है परंतु उनके पापों से नहीं।



शैतान झूठ का पिता है लेकिन प्रभु यीशु मसीह सत्य का पिता है।
जो कोई झूठ बोलता है वह शैतान की ओर से है और उसका पिता शैतान हैं इसके विपरीत प्रभु यीशु मसीह सत्य है जो कोई सत्य पर विश्वास करता है वह झूठ नही बोलता। मसीह ने विश्वास करने वालों को सत्य की आत्मा दी ताकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाये।



  • शैतान नरक का मार्ग है लेकिन प्रभु यीशु मसीह स्वर्ग का मार्ग है।
  • शैतान दुष्टात्माओं का सरदार है लेकिन प्रभु यीशु मसीह स्वर्गदूतों का अधिकारी है।
  • शैतान दया करना नहीं जानता लेकिन प्रभु यीशु मसीह दया का पिता है।
  • शैतान बीमारियों का दूत है लेकिन प्रभु यीशु मसीह चंगाई देने वाला स्वामी है।



शैतान का सबसे बड़ा हथियार हैं घमंड और घमंड के वजह से लोग अपने आप गिर जाते है।



शैतान ने पाप के द्वारा मानवजाति को खरीद लिया
लेकिन प्रभु यीशु मसीह ने मानवजाति को अपने लहू के द्वारा उन्हें पापों से खरीद लिया।

पाप की कीमत मृत्यु है लेकिन मृत्यु की क़ीमत प्रभु यीशु मसीह है। शैतान मनुष्यों के जीवन में श्राप लेकर आया परन्तु प्रभु यीशु मसीह मनुष्यों के जीवन में अनंतजीवन लेकर आया। शैतान मनुष्यों को मृत्यु प्रदान करता है लेकिन प्रभु यीशु मसीह मनुष्यों को जीवन देने आया। शैतान अंधकार का राजा है लेकिन प्रभु यीशु मसीह ज्योति का राजा हैं। शैतान इस पृथ्वी में लोगो को मारने आया है लेकिन प्रभु यीशु मसीह लोगों को बचाने आया है। शैतान लोगों का विनाशकर्ता है लेकिन प्रभु यीशु मसीह लोगों का उद्धारकर्ता है। शैतान झूठ का पिता है लेकिन प्रभु यीशु मसीह सत्य का पिता है। शैतान पापियों को मारने आया लेकिन प्रभु यीशु मसीह पापियों को बचाने आया।

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